सिरसा गांव में अपनी पत्नी को जिंदा जलाने के आरोप में फरार विपिन भाटी को रविवार को कासना कोतवाली पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। इस दौरान विपिन के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर ज्वलनशील पदार्थ (थिनर) बरामद किया। इसके अलावा, विपिन की मां और इस मामले में सह-आरोपी दया को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अदालत ने विपिन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, सिरसा चौराहे के नजदीक विपिन ने सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की। उसने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। गोली लगने से घायल विपिन को पहले डाढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में कासना के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में भर्ती कराया गया। मौके से पुलिस ने एक छोटी बोतल में ज्वलनशील पदार्थ और छीनी गई पिस्तौल बरामद की।
पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर विपिन को गिरफ्तार किया गया था। रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस उसे सिरसा गांव के एक खेत में ज्वलनशील पदार्थ की बरामदगी के लिए ले गई थी। विपिन ने दावा किया कि उसने घटना के बाद ज्वलनशील पदार्थ की एक छोटी बोतल वहां फेंक दी थी।
जब पुलिस बरामदगी की प्रक्रिया में थी, तभी विपिन ने जिम्स चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर वरुण की पिस्तौल छीनकर दो गोलियां चलाईं और भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद वह गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। घटना की जांच के लिए एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार, एसीपी सार्थक सेंगर और कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से पिस्तौल और कारतूस को अपने कब्जे में लिया।
मुठभेड़ के बाद डाढ़ा अस्पताल में विपिन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसने दावा किया, “मैंने उसे नहीं मारा, वह खुद मर गई। पति-पत्नी के बीच झगड़े आम हैं।”
शाम करीब 5:00 बजे विपिन से मिलने जिम्स पहुंची उसकी मां दया (55 वर्ष) को पुलिस ने पहचान कर हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, दया को कोई अज्ञात व्यक्ति जिम्स के बाहर छोड़कर चला गया। पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जो दया को वहां लाए थे। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि दया ने आत्मसमर्पण नहीं किया था।
दादरी के रूपवास गांव की निक्की (27 वर्ष) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के विपिन भाटी से हुई थी। निक्की की बड़ी बहन कंचन की शादी विपिन के भाई रोहित से हुई है। निक्की के पिता भिकारी सिंह ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ससुराल वाले 35 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर निक्की को प्रताड़ित करते थे। निक्की ससुराल में दूसरी मंजिल पर एक बुटीक चलाती थी, जबकि कंचन उसी मंजिल पर ब्यूटी पार्लर संचालित करती थी। गुरुवार शाम को विपिन ने अपनी मां दया के साथ मिलकर निक्की पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग लगा दी।
70 प्रतिशत से अधिक जलने के कारण निक्की की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपी परिवार फरार हो गया था। कंचन ने विपिन भाटी, अपने पति रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), और 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज कराया था।