नई दिल्ली नरेंद्र धवन | भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। सरकार द्वारा जारी ताज़ा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, देश में प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) दोनों में ही शानदार बढ़त देखने को मिल रही है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 तक भारतीयों की औसत आय ₹1.92 लाख के स्तर को छूने की उम्मीद है।
प्रति व्यक्ति आय में 20% की बड़ी उछाल
मौजूदा कीमतों (Current Prices) पर आधारित ‘प्रति व्यक्ति नेट नेशनल इनकम’ के आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में आम नागरिक की औसत आय में 20% से अधिक की संचयी वृद्धि (Cumulative Growth) हुई है: प्रति व्यक्ति आय जो 2022-23 मे ₹1,59,557, 2023-24 मे ₹1,76,465, 2024-25 मे ₹1,92,774 रहने का अनुमान है।
आय में इस वृद्धि के साथ-साथ लोगों के रहन-सहन और निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) में भी विस्तार हुआ है, जो घरेलू मांग को मजबूती दे रहा है।
तीसरी तिमाही में 7.8% रही GDP ग्रोथ
चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे भी उत्साहजनक रहे हैं। इस दौरान देश की आर्थिक विकास दर 7.8% दर्ज की गई है। हालांकि यह दूसरी तिमाही के 8.4% से मामूली कम है, लेकिन बाजार के विशेषज्ञों के अनुमानों से कहीं बेहतर है।
बदला गया आधार वर्ष (Base Year): अब 2022-23 से होगी गणना
आर्थिक आंकड़ों को अधिक सटीक और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने गणना के आधार वर्ष में बड़ा बदलाव किया है। अब 2011-12 के बजाय 2022-23 को नया आधार वर्ष बनाया गया है।
सटीक आंकड़े: नई शृंखला में GST, ई-वाहन (EV) और घरेलू सेवाओं, लोगों द्वारा ऑनलाइन खरीदारी जैसे आधुनिक आर्थिक घटकों को शामिल किया गया है।
संशोधित अनुमान: चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भी 7.4% से बढ़ाकर 7.6% कर दिया गया है।
रियल GDP: नई सीरीज के हिसाब से तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी ₹84.54 लाख करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में ₹78.41 लाख करोड़ थी।
पिछली तिमाहियों के आंकड़ों में संशोधन
मंत्रालय ने पिछली तिमाहियों के आंकड़ों को भी संशोधित किया है। जुलाई-सितंबर तिमाही की वृद्धि दर को 8.2% से सुधारकर 8.4% कर दिया गया है, जबकि अप्रैल-जून तिमाही की दर को 7.8% से घटाकर 6.7% किया गया है।
‘विकसित भारत 2047′ की ओर मजबूत कदम
आर्थिक जानकारों का मानना है कि प्रति व्यक्ति आय में यह निरंतर वृद्धि और स्थिर जीडीपी ग्रोथ इस बात का पुख्ता संकेत है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। घरेलू मांग में मजबूती और सरकार के नीतिगत सुधारों के चलते भारत ‘विकसित भारत 2047’ के अपने लक्ष्य की ओर सही दिशा में कदम बढ़ा रहा है।