नरेंद्र दामोदरदास मोदी, भारत के 14वें प्रधानमंत्री, एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और नेतृत्व कौशल से भारतीय राजनीति में एक विशेष स्थान बनाया है। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और सफलता की प्रेरणादायक कहानी है, जो न केवल भारत में बल्कि वैश्विक मंच पर भी प्रभावशाली रही है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाना जिले के वडनगर में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी एक चाय विक्रेता थे, और माता हीराबेन मोदी घरेलू कामों में व्यस्त रहती थीं। बचपन में नरेंद्र ने अपने पिता की चाय की दुकान पर काम किया और आर्थिक तंगी का सामना किया। उन्होंने वडनगर में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक (बीए) और गुजरात विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री हासिल की।
मोदी का बचपन कठिनाइयों से भरा था। मात्र 8 वर्ष की आयु में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी। युवावस्था में उन्होंने भारत के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा की, जिससे उनकी वैचारिक नींव और मजबूत हुई।
राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर 1985 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़ने के साथ शुरू हुआ। उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1990 के दशक में बीजेपी को गुजरात में मजबूत करने में योगदान दिया। 1998 में वे बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने।
2001 में, मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। वे 2001 से 2014 तक लगातार चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने गुजरात को आर्थिक और औद्योगिक विकास के पथ पर अग्रसर किया, हालांकि 2002 के गुजरात दंगों को लेकर उनकी सरकार विवादों में भी रही।
प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल
26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वे स्वतंत्र भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं। 2019 और 2024 में भी उन्होंने लोकसभा चुनावों में बीजेपी को शानदार जीत दिलाई और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण सुधार देखे, जिनमें शामिल हैं:
स्वच्छ भारत अभियान: देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की पहल।
मेक इन इंडिया: भारत को विनिर्माण का केंद्र बनाने की योजना।
डिजिटल इंडिया: डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट पहुंच को बढ़ावा।
उज्ज्वला योजना: ग्रामीण परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन।
विमुद्रीकरण (2016): काले धन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की पहल।
मोदी ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” जैसे नारे दिए, जो उनकी समावेशी विकास की नीति को दर्शाते हैं। उनकी विदेश नीति ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दी, और वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे वैश्विक योगदानों के लिए भी जाने जाते हैं।
निजी जीवन
नरेंद्र मोदी का विवाह जसोदाबेन मोदी से हुआ था, लेकिन वे जल्दी ही अलग हो गए और उन्होंने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा को समर्पित कर दिया। वे एक सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं और अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 2.28 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुरस्कार और सम्मान
मोदी को उनके नेतृत्व और योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं, जिनमें शामिल हैं:
भारत रत्न (2024)
डोमिनिकन गणराज्य का मानद पुरस्कार
संयुक्त अरब अमीरात का “जायद मेडल”
विवाद और आलोचनाएं
मोदी का कार्यकाल विवादों से भी घिरा रहा। 2002 के गुजरात दंगों को लेकर उनकी आलोचना हुई, हालांकि उन्हें कानूनी रूप से क्लीन चिट मिली। उनकी कुछ नीतियां, जैसे विमुद्रीकरण और नागरिकता संशोधन अधिनियम, भी विवादास्पद रहीं। फिर भी, उनकी लोकप्रियता और जनता का विश्वास उन्हें भारत के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बनाता है।
नरेंद्र मोदी का जीवन एक प्रेरणादायक कहानी है, जो यह दर्शाती है कि मेहनत और समर्पण से कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। एक साधारण चायवाले से भारत के प्रधानमंत्री तक का उनका सफर न केवल भारतीयों बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है।