रांची
झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बुधवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में विभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया. मंत्री ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और कार्यालयीन अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से लंबित फाइलों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने पाया कि कई फाइलें बिना किसी ठोस कारण के लंबित पड़ी हैं, जिससे आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता के कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सख्त लहजे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनता को मिलने वाली मूलभूत सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने को कहा.
समयबद्ध उपस्थिति और शिकायतों के समाधान पर जोर
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें. इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि शिकायतों को नजरअंदाज करना या अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी.
गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश
आगामी गर्मी को देखते हुए मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर हाल में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए. खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए और जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो.
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि काम में ढिलाई, जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति और लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय होगी.
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करने का निर्देश
उन्होंने विभाग को जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने का निर्देश दिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि जनता की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसमें किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जो भी इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहेगा, उसके लिए विभाग में कोई जगह नहीं होगी.