पटना
सरकारी राशन का लाभ लेने वाले करोड़ों लाभार्थियों के लिए जरूरी खबर है। सरकार ने राशन वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी लागू कर दी है। अब तक ढिलाई बरत रहे कार्डधारकों के लिए राहत की बात यह है कि अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद कोई मौका नहीं मिलेगा। अगर इस डेडलाइन तक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हुआ, तो राशन कार्ड को 'अवैध' मानकर सूची से हटा दिया जाएगा।
सरकार के इस कड़े कदम का सीधा उद्देश्य उन लोगों को सिस्टम से बाहर करना है जो गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हजारों ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा है या एक ही आधार कार्ड कई राशन कार्डों से लिंक है। ई-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए सरकार 'एक व्यक्ति, एक पहचान' के नियम को सख्ती से लागू कर रही है। इससे फर्जी लाभार्थियों का पत्ता साफ होगा और सही मायने में जरूरतमंदों को अनाज मिल सकेगा।
नाम कटा तो रुक जाएंगी ये सुविधाएं
अगर आपका नाम राशन कार्ड से कट गया, तो डीलर की मशीन पर आपका नाम शो नहीं करेगा, जिससे आपका कोटा बंद हो जाएगा। इसके साथ ही, उज्ज्वला योजना (गैस सब्सिडी) और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का डेटा अक्सर राशन कार्ड से जुड़ा होता है, वहां भी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। यहां तक राशन कार्ड को पते और पहचान के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा।
क्या करना होगा?
इसकी प्रक्रिया बहुत आसान है। कार्ड में जितने भी सदस्यों के नाम दर्ज हैं, उन सभी को अपने आधार कार्ड के साथ राशन डीलर की दुकान पर जाना होगा। वहां पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करना होगा। याद रहे, घर के किसी एक सदस्य के जाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन सभी का वहां पहुंचना जरूरी है जिनका नाम कार्ड में है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अंतिम तिथि के बाद सर्वर डाउन होने या तकनीकी खराबी का बहाना नहीं चलेगा, इसलिए समय रहते इस जिम्मेदारी को पूरा कर लें। 30 तारीख तक सभी सदस्यों का बायोमेट्रिक अपडेट न होने पर राशन कार्ड से नाम काट दिया जाएगा।