रांची.
झारखंड विधानसभा में बुधवार को स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग का के बजट पर कटौती प्रस्ताव को खारिज करते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि हम राज्य के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चाहते हैं। अंसारी ने शिबू सोरेन को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की और विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि आपने 25 वर्षों में नौ मेडिकल कॉलेज खोले और हेमंत सरकार एक साल में आठ मेडिकल कॉलेज खाेलने जा रही है।
रिम्स-2 को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब में इरफान ने कहा कि हर हाल में इस वर्ष निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सदन का अवगत कराया। अंसारी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई गरीब भूखा न सोए और संकट की घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी रहे। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के लिए 7,990 करोड़ रुपये का बजट है तो खाद्य आपूर्ति विभाग के लिए 2,887 करोड़ एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 1,859 करोड़ का बजट।
गोड्डा, साहिबगंज में भी मेडिकल कॉलेज बनाएंगे
अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। इसी क्रम में राज्य में 8 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में गोड्डा, साहिबगंज और लातेहार में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इससे राज्य के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी मजबूत होगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि रिम्स-2 का इस साल से ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके तहत पहले चरण में 1400 बेड और दूसरे चरण में 2600 बेड का अस्पताल परिसर बनकर तैयार होगा। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को राजनीति से दूर रखें। यहां अंडर ग्रेजुएट के पांच सौ से अधिक और पोस्ट ग्रेजुएट के एक हजार सीट होंगे।
25 हाई टेक ट्रामा सेंटर, 750 अबुआ मेडिकल स्टोर
इस दौरान उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेज में एमआरआइ, 25 हाई टेक ट्रामा सेंटर, 750 अबुआ मेडिकल स्टोर आदि खोलने की घोषणा की। बताया कि राज्य में पहली बार रांची के सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा बहाल हाेने जा रही है। इसके साथ ही सभी जिलों में एनीमिया की जांच की सुविधा होगी और सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक झारखंड एनीमिया मुक्त राज्य बने। उन्होंने बताया कि राज्य में आइएएस और आइपीएस को मिलनेवाली स्वास्थ्य सुविधाएं मंत्री, विधायक और पूर्व मंत्रियों को भी दी जाएगी। सभी गर्भवती महिलाओं का मुफ्त में अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने धान खरीद को लेकर अपने वक्तव्य में कहा कि राज्य में पहली बार वन टाइम धान खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई है। हमने 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। जल्द ही 100 प्रतिशत धान खरीद होगी। इसी तरह धोती साड़ी वितरण योजना की मदद से गरीबों को वस्त्र मुहैया कराया जा रहा है।