सपनों को मिले पहिए: भीमा मारकंडे की ‘बैसाखी’ से ‘आत्मनिर्भरता’ तक की प्रेरक यात्रा
रायपुर कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो शारीरिक बाधाएं केवल एक पड़ाव मात्र रह जाती हैं, मंजिल नहीं। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम 'हरदी' के रहने वाले भीमा मारकंडे की कहानी आज संघर्ष कर रहे हजारों युवाओं के लिए एक मिशाल बन गई है। जब … Read more