जनजातीय अंचलों में आत्मनिर्भरता और सुविधा की नई इबारत
भोपाल मध्यप्रदेश के जनजातीय बहुल अंचलों में एक समय ऐसा था जब गरीब और दूरस्थ गांवों के लोगों को राशन प्राप्त करने के लिए मीलों दूर शासकीय उचित मूल्य दुकान तक पैदल चलना पड़ता था। यह न केवल समय और श्रम की बर्बादी थी, बल्कि कई बार बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूरी करने वाले लोग राशन … Read more