मंच से जस्टिस का बयान: जो गुरुओं का सम्मान नहीं करता, वो बदमाश है

मद्रास मद्रास हाईकोर्ट के जज जीआर स्वामीनाथन नए विवाद में पड़ गए हैं। खबर है कि एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कह दिया कि आध्यात्मिक गुरुओं को नहीं मानने वाले दुष्ट होते हैं। मदुरै की तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर 'कार्तिगई दीपम्' जलाने के मामले में जस्टिस स्वामीनाथन विवादों में आ गए थे। उन्होंने 1 दिसंबर 2025 … Read more

अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, न्याय होगा पारदर्शी और सुलभ

जयपुर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को अपने तीसरे राजस्थान दौरे पर जयपुर पहुंचे। यहां उन्होंने जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में तीन नए आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी एक जुलाई 2024 से लागू इन नए … Read more

8 साल बाद सुनाया गया फैसला: भीड़ हिंसा में 5 लोगों को उम्रकैद

जमशेदपुर झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने 2017 के भीड़ हिंसा के मामले में 5 लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह घटना 18 मई, 2017 को बागबेड़ा थाना क्षेत्र के नागाडीह में हुई थी। आरोपियों ने बच्चा चोर के संदेह में विकास वर्मा, उनके भाई … Read more

अब तारीख पर तारीख नहीं: एमपी हाई कोर्ट में हो रहे हैं तत्काल फैसले

जबलपुर हाई कोर्ट को चार लाख 82 हजार 627 कुल लंबित मुकदमों के बोझ से निजात दिलाने युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। इस अभियान के अंतर्गत निरंतर दूसरे शनिवार को 8 विशेष पीठों ने 296 प्रकरणों का निराकरण करने का आदर्श प्रस्तुत किया। 8 विशेष पीठों ने जमानत अर्जियों को सुना। शेष दो नियमित … Read more

STF टीम को एनकाउंटर के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डिप्टी CM केशव प्रशाद मौर्या ने भी बधाई दी.

उमेश पाल हत्याकांड में गुरुवार के दिन दो बड़ी घटनाएं हुईं। पहली ये कि उमेश पाल और उनके दोनों गनर्स पर गोली चलाने वाला आरोपी असद अहमद और उसका साथी गुलाम एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। असद माफिया अतीक अहमद का तीसरे नंबर का बेटा था। वहीं, गुलाम अतीक का बेहद करीबी शूटर था।
दूसरी खबर अतीक और उसके भाई अशरफ से जुड़ी है। उमेश पाल की हत्या की साजिश रचने के इन दोनों आरोपियों को प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

पूरा मामला क्या है
2005 में हुई विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल मुख्य गवाह थे। 24 फरवरी शुक्रवार को करीब साढ़े चार बजे उमेश कार से वापस सुलेमसराय, धूमनगंज स्थित अपने घर के लिए चल दिए। जैसे ही गेट पर गाड़ी रोककर उमेश उतरे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। उमेश गोली लगने से गिरने के बाद उठकर घर के भीतर भागे। साथ में उनकी सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही भी उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर भागे। लेकिन, हमलावरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए घर के अंदर घुसकर स्वचालित हथियारों से लगातार गोलियां बरसाईं। इस दौरान बदमाशों ने बम भी चलाए। बम और गोलियों की बौछार से इलाका थर्रा गया। हमलावर वहां से फरार हो गए। उमेश पाल, सिपाही संदीप और राघवेंद्र लहूलुहान पड़े थे।

तीनों को एसआरएन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने करीब एक घंटे बाद उमेश पाल को मृत घोषित कर दिया गया। आजमगढ़ निवासी सुरक्षागार्ड संदीप निषाद की भी अस्पताल में मृत्यु हो गई। शुक्रवार रात में ही पुलिस ने माफिया अतीक के दो नाबालिग बेटों को घर से हिरासत में लिया।
हत्याकांड के अगले दिन 25 फरवरी को माफिया अतीक के साथ ही कई के शूटरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, बरेली जेल में बंद भाई पूर्व विधायक अशरफ, मोहम्मद मुस्लिम, गुलाम, अतीक के बेटों और अतीक के अन्य सहयोगियों के खिलाफ साजिश, हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में धूमनगंज थाने में मामला दर्ज कराया। तहरीर पर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 302, 307, 120बी, 506, 34, विस्फोटक अधिनियम 1908 (3), आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 (7) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
हत्याकांड में पहला नामजद आरोपी माफिया अतीक अहमद है। अतीक पहले से ही अन्य मामलों में गुजरात के साबरमती जेल में बंद है। वहीं, अतीक का भाई अशरफ भी घटना से पहले से बरेली जेल में बंद है। प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट ने दोनों को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन घटना के बाद से ही फरार है और अब तक उसका कोई सुराग पुलिस के हाथों नहीं लग सका। शाइस्ता के साथ ही मोहम्मद मुस्लिम का नाम भी एफआईआर में था। ये भी फरार है। वारदात में शामिल रहा अतीक का बेटा असद भी डेढ़ महीने से फरार चल रहा था। हालांकि, गुरुवार को उसे यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। असद के साथ हत्याकांड के अन्य आरोपी गुलाम को भी पुलिस ने मार गिराया। अब STF की टीम जो है गुड्डू मुस्लिम और बाकी अन्य लोगो की तलाश कर रही है, हालंकि मुठभेढ के समय असद ने 14 राउंड फायरिंग की थी.

UP STF टीम को एनकाउंटर के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डिप्टी CM केशव प्रशाद मौर्या ने भी बधाई दी.

हालांकि की अब मायावती अखिलेश यादव से लेकर ओवैसी तक यानि की तमाम विपक्षही पार्टी ने इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े कर रहे है और इसे सरकार की नाकामी बता रहे है
कई नेताओ ने इसको लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग भी कर रहे है

हैरान कर देने वाला-दुःखद -अकल्पनीय किन्तु सत्य। 

अपने खुद के इन्साफ के लिए लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ रही हैँ महिला को । नई दिल्ली। कोई भी इंसान यदि कुछ करने की ठान लेता है तो उसे हासिल करने में पूरी कायनात भी उसकी मदद करती है ऐसी ही एक जीवंत मिसाल है शैली (बदला हुआ नाम), शैली की दास्तान की कवर स्टोरी … Read more