1960 में ऐसे होते थे पंचायत चुनाव, न ईवीएम न मतपत्र—हाथ उठाकर चुने जाते थे सरपंच
चारणवासी (हनुमानगढ़) पंचायतीराज व्यवस्था की शुरुआत सादगी, पारदर्शिता और आपसी भाईचारे की मिसाल के रूप में याद की जाती है। साल 1960 में जब राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के प्रथम चुनाव शुरू हुए, उस समय न तो गुप्त मतदान की प्रक्रिया थी और न ही मतपत्रों व ईवीएम का दौर था। क्षेत्र के वयोवृद्ध ग्रामीणों … Read more