CG हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, शरिया कोर्ट वैवाहिक दर्जा तय नहीं कर सकती
बिलासपुर. मुस्लिम महिला के वैवाहिक अधिकारों से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई निजी धार्मिक संस्था या स्वयं को शरिया कोर्ट बताने वाला संगठन कानून से स्थापित अदालत का दर्जा नहीं प्राप्त कर सकता. ऐसी संस्थाएं न तो किसी महिला के वैवाहिक दर्जे का न्यायिक निर्धारण कर सकती हैं और … Read more