झारखंड में कार्यरत शिक्षकों को भी देनी होगी जेटेट, फैसले का शिक्षकों ने किया विरोध

 रांची
 शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) अनिवार्य किए जाने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सामान्य अभ्यर्थियों के लिए आयोजित होनेवाली झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में ही कार्यरत शिक्षकों को भी सम्मिलित करने का निर्णय लिया है।

विभाग ने बकायदा इसके निर्देश झारखंड एकेडमिक काउंसिल को दिए हैं, लेकिन कार्यरत शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश लागू ही करना है तो कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा पृथक रूप से आयोजित हो।

शिक्षकों ने तमिलनाडु तथा उत्तर प्रदेश राज्य का हवाला भी दिया है, जहां न्यायालय के आदेश आने के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष पात्रता परीक्षा आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। तमिलनाडु में जहां इसपर निर्णय लिया जा चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश में इसे लेकर रिपोर्ट मांगी गई है कि कितने शिक्षक यह परीक्षा उत्तीर्ण हैं तथा कितने को यह परीक्षा उत्तीर्ण होना बाकी है।

इसे लेकर जारी पत्र में कहा गया कि सरकार कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष पात्रता परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रही है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव राममूर्ति ठाकुर के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में सभी राज्यों से कार्यरत शिक्षकों के लिए वर्ष में दो शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने को कहा है।

दूसरी तरफ, झारखंड में सामान्य अभ्यर्थियों के लिए हो रही परीक्षा में ही शामिल करने का निर्णय लिया गया है जो उचित नहीं है। इधर, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ सहित कई अन्य संघ सर्वोच्च न्यायालय में क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने की भी तैयारी कर रहे हैं
बताते चलें कि न्यायालय ने कक्षा एक से आठ के उन शिक्षकों के लिए भी यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया है जो आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त हैं। हालांकि शिक्षक नियुक्त होने के लिए पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता का प्रविधान आरटीई में ही किया गया है।

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Author: Editor

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