दिल्ली, द्वारका।
एक शख्स ने खुद को सेना का पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट बताकर न केवल अपने परिवार को धोखा दिया, बल्कि एक युवती से शादी का झूठा वादा करके उससे 70 हजार रुपये भी हड़प लिए। जब युवती को उसकी असलियत पर शक हुआ, तो उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आरोपी पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के कानपुर, संजीव नगर निवासी दीपांशु (23 वर्ष) के रूप में की है। उसके पास से फर्जी लेफ्टिनेंट की वर्दी और एक जाली पहचान पत्र भी बरामद किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि दीपांशु ने एनडीए की परीक्षा दी थी, लेकिन वह इसमें असफल रहा था।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि 1 सितंबर को फर्श बाजार, भोलानाथ नगर की रहने वाली 28 वर्षीय युवती ने 70 हजार रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने खुद को सेना का पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट बताकर उससे शादी का वादा किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पीड़िता ने बताया कि वह नोएडा में अपना मेडिकल स्टोर चलाती है। कुछ समय पहले दीपांशु सेना की वर्दी पहनकर उसके स्टोर पर आया था। बातचीत के दौरान उसने खुद को लेफ्टिनेंट बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा। पीड़िता ने कुछ समय सोचने के बाद प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। दोनों की मुलाकातें होने लगीं। इस दौरान दीपांशु ने विभिन्न बहानों से पीड़िता से धीरे-धीरे 70 हजार रुपये ले लिए। समय के साथ पीड़िता को उस पर शक होने लगा। 1 सितंबर को उसने दीपांशु को फर्श बाजार में मिलने बुलाया और पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ में दीपांशु ने बताया कि उसके पिता सेना से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हैं। पिता की इच्छा थी कि उनका बेटा सेना में अधिकारी बने। दीपांशु ने एनडीए की परीक्षा दी, लेकिन वह पास नहीं हो सका। उसने यह बात अपने परिवार से छिपाई, क्योंकि उसे पिता को बताने से डर लगता था।
दीपांशु ने एनडीए पासआउट अधिकारियों की सूची देखी, जिसमें उसे अपने नाम का एक अन्य अधिकारी मिला। उसने उस सूची को डाउनलोड किया और अपने पिता को बताया कि उसका लेफ्टिनेंट के लिए चयन हो गया है। इसके बाद वह घर से खड़कवासला में प्रशिक्षण के लिए जाने का बहाना बनाकर दिल्ली चला आया। यहां उसने लेफ्टिनेंट की वर्दी खरीदी और एक फर्जी पहचान पत्र बनवाया। फिर वह खुद को लेफ्टिनेंट बताकर रहने लगा। पीड़िता से भी उसने लेफ्टिनेंट के रूप में दोस्ती की और शादी का झांसा देकर पैसे ठग लिए।