हमीरपुर।
हमीरपुर जिले के एक गांव में हुई एक दर्दनाक गैंगरेप की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुई चार महीने की गर्भवती और मानसिक रूप से कमजोर युवती की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिससे उसके परिवार में हाहाकार मच गया और गांव में मातम छा गया। इस जघन्य अपराध की प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने के बावजूद, लंबे समय तक दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। हालांकि, पीड़िता की मृत्यु के बाद आज पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
हमीरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव में यह भयावह घटना कुछ दिन पहले घटी। एक 26 वर्षीय गर्भवती युवती, जो मानसिक रूप से कमजोर थी, अपने मायके में रह रही थी। बताया जाता है कि ससुराल में कुछ विवाद के कारण वह कुछ महीने पहले अपने पिता के घर आ गई थी। उस समय वह चार महीने की गर्भवती थी।
घटना वाले दिन, जब परिजन खेतों में काम करने गए थे, गांव के ही दो युवकों, मुन्नीलाल और रामबाबू ने दिनदहाड़े युवती को उसके घर से जबरन उठाकर पास के खेत में ले गए। वहां दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। इस क्रूर कृत्य में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों को सूचना मिलने पर वे तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल युवती को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले गए। वहां उसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे जिला अस्पताल भेजा गया, और फिर स्थिति बिगड़ने पर कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने बुधवार को बताया कि कानपुर में इलाज के दौरान युवती ने दम तोड़ दिया। इस दुखद खबर ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी मानसिक रूप से कमजोर थी और दो साल पहले ससुराल से विवाद के बाद मायके में रह रही थी। उन्होंने बताया कि कई महीने पहले भी इन दोनों आरोपियों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई थी। उस समय आरोपियों के परिजनों को समझाइश दी गई थी, लेकिन उन्होंने युवती को बार-बार परेशान करना जारी रखा। परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन आरोपियों ने युवती को गर्भपात की दवा जबरन खिलाई और फिर उसके साथ बलात्कार किया।
कुरारा थाना प्रभारी नंदराम प्रजापति ने बताया कि आरोपियों ने गलत तरीके से दवा देकर पीड़िता की हालत बिगाड़ दी, जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए कानपुर में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना के संबंध में दोनों आरोपियों के खिलाफ तत्काल नामजद एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी थी। हमीरपुर पुलिस मीडिया सेल के पीआरओ ने जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल पीड़िता के परिवार के लिए एक त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। इस तरह की वारदातें कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं।