करनाल.
करनाल के संत कबीर पब्लिक स्कूल में पहलगाम हमले के बलिदानी विनय नरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विनय नरवाल की बहन सृष्टि ने कहा कि उनके भाई के नाम पर करनाल में एक चिकित्सा संस्थान का नामकरण किया जाए। उनका पूरा परिवार एक साल पहले हुए आतंकी हमले की घटना से अभी तक उभरा नहीं है।
हलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले को कल एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस हमले ने जहां देश को झकझोर दिया था, वहीं हरियाणा के करनाल के एक परिवार के लिए समय जैसे उसी दिन थम गया। हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय नौसेना के बलिदानी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता, राजेश नरवाल ने नम आंखों से अपने बेटे को याद किया।
राजेश नरवाल ने उस काली रात को याद करते हुए बताया कि वह पल उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। उन्होंने कहा कि कल एक साल पूरा हो जाएगा। मुझे वह पल आज भी साफ याद है, मैं सो रहा था, तभी मुझे वह बुरी खबर मिली। उस एक पल ने मेरी पूरी दुनिया बदल दी। जिंदगी जैसे वहीं थम सी गई।
क्या बोले विनय नरवाल के पिता
विनय नरवाल के पिता ने कहा कि एक शहीद का पिता होने का गौरव तो है, लेकिन एक पिता का हृदय आज भी इस सच्चाई को स्वीकार करने में संघर्ष कर रहा है। राजेश ने भावुक होते हुए कहा, "शुरुआत में ऐसा लगता था जैसे वह बस अभी वापस आ जाएगा। दिमाग को हकीकत पता थी, लेकिन मन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं था। यह बहुत दर्दनाक है। मुझे उसकी बहुत याद आती है, और उसकी वही अच्छी यादें अब मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती हैं।" बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे। बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे।