कोंडागांव.
जिला स्तर पर लंबे समय से विचाराधीन मामलों में बंद कैदियों को राहत दिलाने की दिशा में समीक्षा की गई. अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी और मॉनिटरिंग सेल की बैठक में पात्र बंदियों के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई.
ऐसे बंदियों के मामलों की समीक्षा की गई, जिन्हें लंबे समय से जमानत का लाभ मिलने के बावजूद शर्तें पूरी करने में परेशानी है. इसके अलावा उन बंदियों के मामलों पर भी ध्यान दिया गया, जो अपनी संभावित अधिकतम सजा की तुलना में पर्याप्त समय जेल में बिता चुके हैं. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश खिलावन राम रिगरी ने अधिकारियों को पात्र मामलों में तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए. बैठक में बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. मॉनिटरिंग सेल की बैठक में नए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने पर भी चर्चा हुई.
ग्राम तोतर में मेगा ड्राइव के तहत प्रत्येक सप्ताह कैंप लगाने को लेकर भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया. कैंप के जरिए ग्रामीणों तक विभिन्न विभागों की सेवाएं पहुंचाने की योजना पर चर्चा हुई. बैठक में न्यायिक, पुलिस, प्रशासन और अभियोजन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पात्र बंदियों और ग्रामीणों से जुड़े मामलों में प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए.