दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन सदन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत मंत्री और विपक्षी नेता मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया, जिसमें उन्होंने सरकार के कामकाज और आगे की प्राथमिकताओं का खाका पेश किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई।
उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार ने बीते करीब 10 महीनों में प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया है। उन्होंने एक लाख करोड़ रुपये के बजट, ई-गवर्नेंस के विस्तार, व्यापार प्रक्रियाओं के सरलीकरण और श्रम कानूनों में सुधार जैसे कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 75 सेवाओं को डिजिटल किया गया है और सभी सरकारी दफ्तरों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को 24 घंटे की सुविधा दी गई है और पंजीकरण नवीनीकरण जैसी पुरानी बाधाओं को हटाया गया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिला परियोजना निधि और मुख्यमंत्री विकास निधि को मंजूरी दिए जाने की भी जानकारी दी गई।
सत्र के दौरान राजधानी से जुड़े अहम विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी। विपक्षी आम आदमी पार्टी ने वायु प्रदूषण, यमुना सफाई, गंदगी, सड़कों की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने के संकेत दिए हैं।
