दिल्ली में फिरसे महसूस किए भूकंप के झटके , लोगों में दिखी दहशत।

बीती रात दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किये गए जिसकी तीव्रता 5.5 बताई जा रही है। उत्तरी अफगानिस्तान में मंगलवार शाम आए 6.6 तीव्रता के भूकंप के बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र सहित उत्तरी भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के झटके तुर्कमेनिस्तान, भारत, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान और किर्गिस्तान में महसूस किए गए।

इंडो ऑस्ट्रेलियन प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है और यह रिलीज उसी क्षेत्र में हुई है। एचकेएच क्षेत्र भूकंप विज्ञान की दृष्टि से बहुत सक्रिय है। फॉल्ट की गहराई 150 किमी से अधिक है इसलिए पहले प्राथमिक तरंगें और फिर द्वितीयक तरंगें महसूस की गईं। आफ्टरशॉक्स अब होने की संभावना है लेकिन उनका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब सहित उत्तरी भारतीय राज्यों में भूकंप के झटके कई सेकेंड तक रहे, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कहा भी जा रहा है की यह भूमाप पंजाब , उत्तराखंड , जम्मू-कश्मीर , में इसकी तीव्रता ज़्यादा देखी गई। पाकिस्तान में 6-7 लोगों के मौत की भी खबर है। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने कहा कि उन्हें शकरपुर इलाके में एक इमारत के झुके होने के बारे में फोन आया है। बाद में पता चला कि बिल्डिंग के पड़ोसी ने नेक नीयत से कॉल किया था और कोई झुकाव नहीं था।
यह एक महीने में तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए और अंदाज़ा लगाया की यह आगे भी ज़्यादा तीव्रता का भुकम्प आने की आशंका है।

इससे पहले टर्की में यह भूकंप का भयात्मक मंज़र देखने को मिला जिससे टर्की की स्तिथि काफी ख़राब हो गई थी। 6 फरवरी 2023 को सुबह के 04:17 पर, दक्षिणी और मध्य तुर्की और उत्तरी और पश्चिमी सीरिया में 7.8 मेगावॉट का भूकंप आया था। हटे प्रांत में अंताक्य (Antakya) के कुछ हिस्सों में भूकंप की अधिकतम मरकाली तीव्रता बारहवीं (चरम) थी। इसके बाद दोपहर के 1:24 पर 7.7 मेगावाट भूकंप आया। यह भूकंप पहले से 95 किमी उत्तर-पूर्वोत्तर में केंद्रित था। व्यापक क्षति हुई और हजारों लोगों की मृत्यु हुई।

7.8 मेगावाट भूकंप तुर्की में 1939 के एर्ज़िंकन भूकंप के समान परिमाण के बाद से सबसे बड़ा है, और संयुक्त रूप से 1668 उत्तरी अनातोलिया भूकंप के बाद देश के इतिहास में दर्ज किया गया ,दूसरा सबसे मजबूत भूकंप है। यह लेवांत में दर्ज अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। इसे मिस्र, इज़राइल, फिलिस्तीन, लेबनान, साइप्रस और तुर्की के काला सागर तट तक महसूस किया गया। इसके बाद के तीन सप्ताहों में 10,000 से अधिक आफ्टरशॉक्स आए। भूकंपीय अनुक्रम शैलो स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग का परिणाम था।
20 मार्च 2023 तक, 57,300 से अधिक तुर्की में मौतों की पुष्टि हुई , तुर्की में 50,000 से अधिक और सीरिया में 7,200 से अधिक। यह 526 एंटिओक भूकंप के बाद से आज के तुर्की में सबसे घातक भूकंप है , जो इसे अपने आधुनिक इतिहास में सबसे घातक प्राकृतिक आपदा बनाता है। वैज्ञानिकों की मानें तो यह भूकंप आगे और बढ़ सकते हैं जिसके चलते दुर्घटना भी हो सकती है।

भूकंप से बचने के उपाए : (1) इससे पहले कि भूकंप आपको नीचे गिरा दे, अपने हाथों और घुटनों के बल नीचे गिर जाएं। यह स्थिति आपको गिरने से बचाती है लेकिन यदि आवश्यक हो तो भी आपको स्थानांतरित करने की अनुमति देती है।
(2) अपने सिर और गर्दन को (और यदि संभव हो तो अपने पूरे शरीर को) किसी मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे ढक लें। यदि आस-पास कोई आश्रय नहीं है, तो एक आंतरिक दीवार के पास या निचले स्तर के फर्नीचर के पास नीचे उतरें, जो आप पर नहीं गिरेगा, और अपने सिर और गर्दन को अपनी बाहों और हाथों से ढक लें।
(3) जब तक कंपन बंद न हो जाए तब तक अपने आश्रय (या अपने सिर और गर्दन) को पकड़ कर रखें। अपने आश्रय के साथ जाने के लिए तैयार रहें यदि झटकों से वह इधर-उधर हो जाता है।

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Author: Arit

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