सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में बढ़ी वन्यजीवों की रौनक, पक्षियों की संख्या दोगुनी; तेंदुओं ने भी बनाया बसेरा

चंडीगढ़.

सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी पक्षी और जानवरों को पसंद आ रही है। यहां वन्यजीवों का कुनबा बढ़ा है। पक्षियों की संख्या दोगुनी हो गई है और तेंदुओं ने भी यहां अपना ठिकाना बना लिया है। प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग ने वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) के सहयोग से सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और आसपास के वन क्षेत्रों में कराए गए व्यापक वन्यजीव सर्वेक्षण में जैव विविधता की समृद्ध तस्वीर सामने आई है।

नवंबर 2025 में किए गए इस सर्वे में पक्षियों, तितलियों, स्तनधारियों, वनस्पतियों और सरीसृपों की बड़ी संख्या दर्ज की गई है। 2021 के सर्वे की तुलना में इस बार जैव विविधता के आंकड़ों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्तनधारी प्रजातियां 14 से बढ़कर 16 और पक्षी प्रजातियां 67 से बढ़कर 132 हो गईं। पहली बार तितलियों और सरीसृपों को भी सर्वे में शामिल किया गया। वन एवं वन्यजीव विभाग ने कहा कि इस सर्वे के निष्कर्ष चंडीगढ़ के वन क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण, आवास प्रबंधन और वन्यजीव निगरानी को और मजबूत करने में मददगार साबित होंगे।

रात में कैद हुई तेंदुए की गतिविधियां
कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान 18 कैमरा ट्रैप स्टेशनों से 466 स्वतंत्र वन्यजीव रिकार्डिंग मिलीं। खास बात यह रही कि सर्वे में दो वयस्क नर तेंदुओं की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिनकी पहचान उनके शरीर पर अलग-अलग रोसेट पैटर्न के आधार पर की गई। तेंदुओं की गतिविधियां मुख्य रूप से रात के समय दर्ज की गईं।

43 पेड़ के साथ 22 जड़ी बूटी प्रजाति मिली
सर्वेक्षण में 79 पौधों की प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें 43 पेड़, 14 झाड़ियां और 22 जड़ी-बूटी प्रजातियां की शामिल हैं। वहीं सरीसृप और उभयचर वर्ग में 13 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें मेंढक, कछुए, सांप और छिपकलियां शामिल हैं।

73 प्रजातियों की तितलियां मिलीं
तितली सर्वेक्षण में पांच परिवारों की 73 प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें येलो आरेंज टिप सबसे अधिक संख्या में पाई गई, जबकि पी ब्लू, कामन ओनिक्स और इंडिगो फ्लैश जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां भी दर्ज की गईं।

132 प्रजाजितयों के पक्षी
पक्षी सर्वे में 132 प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें 13 शेड्यूल-1 और 117 शेड्यूल-2 की प्रजातियां शामिल हैं। आइयूसीएन संरक्षण स्थिति के अनुसार इनमें दो संकटग्रस्त, एक संवेदनशील और तीन निकट संकटग्रस्त प्रजातियां भी दर्ज की गईं। ह्यूम्स वार्बलर सबसे अधिक संख्या में पाया गया पक्षी रहा।

16 तरह के स्तनधारी
स्तनधारी सर्वे में 16 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें सांभर, नीलगाय और जंगली सूअर प्रमुख रहे। सर्वे के अनुसार सांभर हिरण की घनत्व 22.34 ± 8.07 प्रति वर्ग किलोमीटर आंकी गई।

सर्वे में यह एरिया रहे शामिल
यह सर्वे 20 से 27 नवंबर 2025 के दौरान सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी, लेक बीट, पटियाला की राव, सुखना चौ फाॅरेस्ट, बाॅटेनिकल गार्डन, बटरफ्लाई पार्क और सिटी बर्ड सेंचुरी जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया गया। इसमें वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं, स्वयंसेवकों, एनजीओ और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

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Author: Editor

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