शास्त्री नगर-सदर विधानसभा क्षेत्र: आसपास की बिल्डिंगों के झुकने के बाद भी लोगों की जान को दांव पर लगाकर हो रहा है बिल्डिंग का निर्माण कार्य |

क्या किसी बड़े हादसे का हो रहा है इंतज़ार?

आसपास की बिल्डिंगों के झुकने के बाद भी लोगों की जान को दांव पर लगाकर हो रहा है बिल्डिंग का निर्माण कार्य |

नई दिल्ली। सिटी सदर-पहाड़गंज जोन के अंतर्गत आने वाले शास्त्री नगर में अवैध बिल्डिंगों का निर्माण जोरों से चल रहा हैं। बिल्डर लॉबी यहां इतने बेखौफ होकर काम कर रही है कि उन्हें अपनी बिल्डिंगों के आसपास की बिल्डिंगों के झुक जाने की भी परवाह नहीं है।

ज्ञात रहे शास्त्री नगर में बीते 6 महीने में पांच बिल्डिंगो के झुक जाने की शिकायतें आने के बाद भी दिल्ली नगर निगम का बिल्डिंग विभाग कुम्भकर्णी नींद में सोया हुआ है। गौरतलब है र्कि इ2 ब्लॉक में मकान के पुनर्निर्माण कार्य के लिए तोड़ी गई बिल्डिंग के बराबर वाली बिल्डिंग के झुकने का मामला क्षेत्रवासियों को याद ही है क्योंकि झुकी हुई बिल्डिंग भरभरा कर खुद ही ध्वस्थ हो गई थी, जिसके कारण ही आसपास की दो अन्य बिल्डिंगों को भी नुकसान पहुंचा था हालांकि कोई बड़ा हादसा होने से टल गया था। अभी वो मामला शांत भी नहीं हुआ था कि बी ब्लॉक के 1790 नंबर मकान के निर्माण के कारण उसके आसपास की तीन बिल्डिंगों में दरारें आ गई थी और बिल्डिंगों के झुकने की शिकायतें आने के बावजूद भी इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य जारी है। इतना ही नहीं इस बिल्डिंग के निर्माण कार्य ने और अधिक तेजी पकड़ ली है और तमाम नियम कायदों को ताक पर रखकर बिल्डिंग का निर्माण कार्य जारी है।

इस बिल्डिंग के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि बिल्डिंग क्षेत्र के नामचीन की बिल्डर चिंटू की बिल्डिंग है और चिंटू पर विधायक की विशेष अनुकंपा के चलते ही इस बिल्डर की सेटिंग दिल्ली नगर निगम में आसानी से हो जाती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस क्षेत्र में दर्जनभर बिल्डिंग निर्माण में इस बिल्डर द्वारा भवन निर्माण कार्य चल रहा है जिस पर निगम की रती भर भी कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि नियमों के मुताबिक इस प्रकार कि बिल्डिंगों को दिल्ली नगर निगम द्वारा बुक किया जाता है लेकिन इस बिल्डर की किसी भी बिल्डिंग पर अभी तक निगम द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।

Narender Dhawan
Author: Narender Dhawan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *