श्रीलंकाई खिलाड़ीयो ने मैच से पहले किया कुछ, ऐसा जानकार हो जाएंगे भावुक

 

श्रीलंकाई क्रिकेट टीम गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ विश्व कप मैच में काली पट्टी बांधकर मैदान पर उत्तरी तो लोग सवालों के घेरे में बांध गए मगर जब इसका कारण पता चला तो सभी भावुक हो गए। दरअसल उन्होंने श्रीलंकाई टीम के सुपरफैन रहे पर्सी अबेसेकेरा की याद में काली पट्टी बांधी। अबेसेकेरा का सोमवार को 87 वर्ष की आयु में बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया।

पर्सी अबेसेकेरा को फैंस ‘अंकल पर्सी’ के नाम से जानते थे। वह 1979 विश्व कप के बाद से श्रीलंका के लगभग सभी मैचों में मौजूद रहे थे, लेकिन उन्हें लोकप्रियता 1996 विश्व कप के बाद मिली। 1996 में श्रीलंका ने विश्व कप की सह-मेजबानी की थी। अबेसेकेरा मैच के दौरान एक बड़ा श्रीलंकाई झंडा लहराने, खिलाड़ियों की पीठ थपथपाने और यहां तक कि खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम तक आने-जाने के लिए प्रसिद्ध थे।

श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के एक आधिकारिक बयान में कहा गया था, “दिवंगत पर्सी अबेसेकेरा को श्रद्धांजलि देने के लिए श्रीलंका के खिलाड़ी भारत के खिलाफ आज मैच के दौरान काली पट्टी पहनेंगे। अबेसेकेरा श्रीलंकाई क्रिकेट का एक अभिन्न अंग थे और उन्होंने खिलाड़ियों को समर्थन और प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह हमेशा याद किए जाएंगे।

 

Percy Abeysekera dead, Sri Lankan Superfan Uncle Percy passed away -  Naijapopstar

 

भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने हाल ही में एशिया कप के दौरान अबेसेकेरा से मुलाकात को याद किया जब वह कोलंबो में अबेसेकेरा के घर गए थे। रोहित ने कहा, “मैं भाग्यशाली था कि मुझे एशिया कप के दौरान श्रीलंका में उनसे मिलने का मौका मिला और वह क्रिकेट के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। बेशक, श्रीलंकाई टीम के लेकिन वह शायद पहले प्रशंसक हैं जिनसे मैं मिला। उनकी टीम के प्रति, खिलाड़ियों के प्रति उनका समर्थन देखना शानदार लगा।

रोहित ने 2006 अंडर-19 विश्व कप के दौरान श्रीलंका की अपनी पहली यात्रा को भी याद किया। हिटमैन ने कहा कि उन्होंने ‘अंकल पर्सी’ को दो साल बाद भारतीय सीनियर टीम के दौरे के दौरान पहली बार नोटिस किया था। रोहित ने कहा- जब मैं पहली बार 2006 में श्रीलंका गया था अंडर-19 विश्व कप के लिए, तो वहां मौजूद थे। हालांकि, तब मैं एक छोटा लड़का था, मुझे नहीं पता था कि क्रिकेट मैदान के बाहर चीजें कैसे काम करती हैं। मैंने तब इतना ध्यान नहीं दिया था।

रोहित ने कहा- जब मैं 2008 में पहली बार भारतीय टीम के साथ गया, तो मैंने उन्हें पहली बार देखा और मैंने देखा कि वह कितने भावुक थे। मैं उनके परिवार, उनके बेटे, उनके पोते से मिलकर भी भाग्यशाली रहा। उनका परिवार बहुत प्यारा है। मैं अपनी टीम के कुछ सदस्यों के साथ भी गया था। उनका निधन क्रिकेट जगत के लिए एक दुखद क्षति है क्योंकि मेरी नजर में वह क्रिकेट के नंबर वन फैन थे। जाहिर है अब बहुत सारे फैंस हो गए हैं, लेकिन मैंने पहला फैन उन्हें ही देखा है। यह हम सभी के लिए दुखद क्षण है।

 

Saumya Mishra
Author: Saumya Mishra

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *